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The Vaccine War Review: एक दमदार कहानी है विवेक अग्निहोत्री की ‘द वैक्सीन वॉर’

फ़िल्म: द वैक्सीन वॉर
कलाकार: नाना पाटेकर, पल्लवी जोशी, सप्तमी गौड़ा, राइमा सेन, अनुपम खेर, गिरिजा ओक
निर्देशक: विवेक अग्निहोत्री
रेटिंग: 3.5

The Vaccine War Review: भारत ही नहीं पूरे देश ने कोरोना वायरस का भयानक रूप देखा है। पूरी दुनिया में फैले इस वायरस ने सभी को हैरान कर दिया था। जब डॉक्टर वायरस से लड़ रहे थे, वैज्ञानिक एक वैक्सीन खोजने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे जो वायरस को मार सके। इसे फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ में दर्शाया गया है। फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बल्कि एक फीचर फिल्म है। विवेक अग्निहोत्री की ‘द वैक्सीन वॉर’ भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई वैक्सीन की यात्रा को दर्शाती है।

प्लॉट क्या है?
फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ की कहानी 2020 से 2022 के बीच की है। कहानी जनवरी 2020 से शुरू होती है। चीन के वुहान से इस वायरस के आने की खबर के बाद (आईसीएमआर) की टीम अलर्ट हो गई। इसका भारत पर क्या असर होगा, इस पर विचार करते हुए इससे लड़ने की तैयारी शुरू हो जाती है। हालाँकि, हमें यह देखने को मिलता है कि कैसे वैज्ञानिकों की एक टीम हमारे देश के लिए वैक्सीन बनाने के लिए एक साथ आती है और इस यात्रा के दौरान उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस बीच तमाम प्रक्रियाओं, तमाम विवादों, कोरोना के बढ़ते मामलों और उससे हो रही लोगों की मौत पर मौजूदा सरकार के समर्थन को फिल्म के जरिए एक सूत्र में बांधने की कोशिश की गई है।

विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म का निर्देशन और लेखन दोनों किया है। इस फिल्म के जरिए कोरोना की स्थिति को नए नजरिए से देखा गया है। हमने डॉक्टरों और मजदूरों के नजरिए से कई कहानियां देखी हैं। लेकिन, एक वैज्ञानिक का ये चित्रण और उसकी तैयारी फिल्म को और भी खास बनाती है। विवेक की फिल्म वैक्सीन के निर्माण की कहानी के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण पर भी टिप्पणी करती है। फिल्म में सभी महिला वैज्ञानिकों के समर्पण को खूबसूरती से दिखाया गया है। भारत की वैक्सीन की सफलता की चर्चा दुनिया भर में हुई। सीन के दौरान कई ऐसे पल आते हैं, जो आपको भी गर्व महसूस कराएंगे।

फिल्म क्यों देखें?
हर किसी को यह फिल्म एक बार देखनी चाहिए। यह फिल्म आपका ज्ञान बढ़ाएगी और आपको प्रेरित करेगी। हमारे वैज्ञानिक इस फिल्म के हीरो हैं। 2 घंटे 40 मिनट की इस फिल्म में विवेक अग्निहोत्री ने अपने त्याग और ताकत को बखूबी दिखाया है।

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