मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में अंजू ने अपनी आपबीती सुनाई है। अंजू ने कहा है कि पाकिस्तान में उनके साथ कुछ भी बुरा बर्ताव नहीं हुआ है।

अंजू ने कहा है कि पाकिस्तान और भारत के लोगों में कुछ ज्यादा अंतर नहीं है। अंजू ने कहा है कि पाकिस्तान में मुझे देखकर लोग बहुत खुश होते थे। लोगों को खुशी होती ये देखकर की मैं भारत से आई हूं। 

अंजू ने कहा है कि पाकिस्तान और भारत के लोगों में कुछ ज्यादा अंतर नहीं है। अंजू ने कहा है कि पाकिस्तान में मुझे देखकर लोग बहुत खुश होते थे। लोगों को खुशी होती ये देखकर की मैं भारत से आई हूं। 

अंजू ने कहा है कि भारत वह सिर्फ अपने बच्चों से मिलने के लिए आई हैं। अंजू ने कहा कि उनकी बेटी को पहले से ही नसरुल्लाह के बारे में पता था। अंजू का कहना है कि पाकिस्तान में उनको अपने बच्चों की बहुत याद आ रही थी। 

अंजू ने कहा कि, मेरे आने के बाद मेरे माता-पिता ने मेरी कोई खोज-खबर नहीं ली। अंजू ने आरोप लगाया है कि पहले भी उनके परिवार वाले खासरकर माता-पिता ने कभी उनकी परवाह नहीं की है। 

अंजू ने अपने परिवार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि, 'मैंने अपने परिवार वालों को मुसीबत और परेशानियों में हमेशा बुलाया और उनसे मदद मांगी है लेकिन किसी ने मेरी मदद कभी नहीं की है। 

अंजू ने कहा है कि अब उन्हें उनके माता-पिता से बात नहीं करनी है। वो चाहेंगे भी तो मैं बात नहीं करूंगी। अंजू ने कहा है कि, जब उनको जरूरत था किसी ने उनका साथ नहीं दिया है।